फफोले (बालतोड़ या फोड़े)

फफोला तरल पदार्थ से भरा हुआ त्वचा का एक उभार होता है। यह बुलबुलों की तरह दिखते हैं जो तब उभरते हैं जब आपकी त्वचा की ऊपरी परत में तरल पदार्थ एकत्रित्त हो जाता है। फफोले, पस (मवाद), खून या खून में मौजूद एक स्पष्ट पदार्थ (सीरम) से भरे हुए हो सकते हैं। ज़्यादातर फफोले गोल आकार के होते हैं। फफोले के सबसे आम कारण होते हैं रगड़ लगना, त्वचा का ठण्ड से जमना, त्वचा का जलना,संक्रमण और केमिकल (रसायन) से जलना। यह किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकते हैं। कारण के आधार पर, फफोले में खुजली हो सकती है या कम/ ज़्यादा दर्द भी हो सकता है।

आपको एक या एकसाथ कई फफोले हो सकते हैं। फफोले होने का एक महत्वपूर्ण लाभ भी है – यह त्वचा के अंदर के ऊतकों को नुक्सान होने से बचाते हैं। हालांकि, अगर फफोले संक्रमित लग रहे हों, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। यदि आपको शुगर या रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) से सम्बंधित समस्या है, तो फफोले का कोई घरेलू उपचार करने से पहले अपने चिकित्स्क की सलाह लें। त्वचा की अंदर की परतों में संक्रमण को रोकने के लिए फफोलों से छेड़खानी न करें।

फफोले के प्रकार – Types of Blisters

  • रगड़ से हुए फफोले (friction blisters: यह पानी या साफ तरल से भरे हुए होते हैं)

  • दबाव से हुए फफोले (blood blisters: यह खून के भरे हुए होते हैं)

  • जलने से हुए फफोले (heat blisters)

फफोले के लक्षण – Blisters Symptoms

  • खून के फफोले लाल या काले होते हैं और साफ़ तरल पदार्थ की जगह खून से भरे होते हैं।

  • अगर फफोले संक्रमित हैं, तो वह लाल व गर्म हो सकते हैं और हरे या पीले रंग के पस से भरे हो सकते हैं।

  • कुछ फफोले दर्दनाक नहीं होते लेकिन कुछ अत्यधिक दर्दनाक भी हो सकते हैं। कभी-कभी आपके देखने से पहले ही फफोले फट जाते हैं जिससे आपको त्वचा की निचली सतह दिखती है जिसमें से कभी-कभी रक्तस्त्राव भी होता है।

  • फफोले के आसपास की त्वचा सामान्य या हल्की लाल व गहरे रंग की दिख सकती है।

  • फ़टे हुए फफोले अधिकतर संवेदनशील और दर्दनाक होते हैं।

  • मुंह व गले में फफोले होने से कुछ निगलने में दर्द हो सकता है।

यदि आपको निम्नलिखित समस्याएं हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें –
  • फफोले में बहुत दर्द होना और बार-बार फफोले होना।

  • त्वचा का संक्रमित लगना, त्वचा का लाल व गर्म होना और फफोले का हरे या पीले रंग के पस से भरा होना।

  • फफोले का असामान्य जगह पर होना। जैसे – पलकों, मुंह या जननांगों (Genitals) पर।

  • बिना किसी वजह के फफोले होना।

  • जलने, सनबर्न या एलर्जी के कारण फफोले होना।